Health - Beauty - Fitness
आजकल की भागदौड़ और हर वक्त की टेंशन के बीच ब्लड प्रेशर का बढ़ना एक आम बात हो गई है। अक्सर लोग इसे मामूली समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन शरीर को अंदर से फिट रखना बहुत जरूरी है। जब भी बीपी थोड़ा ऊपर-नीचे होता है, तो हम तुरंत बीपी टैबलेट ढूंढने लगते हैं। हालांकि, अगर हम अपनी जड़ों की ओर लौटें, तो आयुर्वेद में इसका बहुत ही सरल और असरदार समाधान मिलता है जो शरीर को बिना किसी नुकसान के राहत पहुंचा सकता है। आयुर्वेद की दुनिया में ऐसी कई जड़ी-बूटियाँ हैं जो हमारे दिल और दिमाग दोनों को सुकून देती हैं। जैसे कि जटामांसी और ब्राह्मी दिमाग को शांत कर तनाव दूर करती हैं, जिससे बढ़ा हुआ प्रेशर कम होने लगता है। वहीं दालचीनी नसों की सफाई और खून के संचार में मदद करती है, और अश्वगंधा शरीर को वह ताकत देती है जिससे हम बाहरी तनाव को झेल सकें। इन सब का सही मिश्रण एक बेहतरीन हाई बीपी की आयुर्वेदिक दवा की तरह काम करता है और शरीर के सिस्टम को नेचुरल तरीके से बैलेंस करता है। दवाओं के साथ-साथ अगर हम अपनी आदतों में थोड़ा सुधार कर लें, तो नतीजे और भी अच्छे मिलते हैं। ताजे फल खाना, ज्यादा नमक से परहेज करना और दिन में कम से कम 20 मिनट पैदल चलना बहुत फायदेमंद होता है। हाई ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा के साथ अगर आप गहरी सांस लेने वाले व्यायाम (प्राणायाम) करते हैं, तो मन शांत रहता है। आयुर्वेद कहता है कि संयम और सही खान-पान ही सेहत की असली चाबी है।







